15 नवंबर से धान खरीदी शुरू, 95 केंद्रों पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर…

सारंगढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने समय-सीमा की बैठक में धान खरीदी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। जिले में 15 नवंबर से 31 जनवरी तक कुल 95 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान की खरीदी की जाएगी।
जिले में विकासखंडवार धान खरीदी केंद्रों का वितरण किया गया है। इसके तहत सारंगढ़ में 30, बरमकेला में 27 और बिलाईगढ़ में 38 केंद्रों पर खरीदी होगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रों में किसानों की सुविधा, धान की तौल, रखरखाव और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं, ताकि खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दूसरे राज्यों एवं अन्य जिलों से अवैध रूप से धान लाकर खपाने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई है। जिले के चेकपोस्टों पर तीन पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके तहत सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक तथा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक जांच की जाएगी। इस संबंध में आदेश क्रमांक 866 जारी कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्य या जिले से अवैध रूप से धान लाकर जिले में खपाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित वाहन और धान जब्त किए जाएंगे। इसके साथ ही तहसीलवार उड़नदस्ता दल गठित कर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि बिचौलियों और अवैध धान कारोबारियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
कलेक्टर ने सभी खरीदी केंद्रों में तौल मशीनों का सत्यापन कराने, आर्द्रता मापक यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
धान बेचने के लिए किसानों को तुहर टोकन एप के माध्यम से टोकन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि खरीदी व्यवस्था सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी हो। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासन का पूरा जोर 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने और अवैध धान की आवक पर प्रभावी रोक लगाने पर है।