सारंगढ़

लोकतंत्र पर विमर्श, राष्ट्र चिंतन संवाद में जुटे प्रबुद्धजन…

सारंगढ़। भारतीय जनता पार्टी द्वारा सारंगढ़ में ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ के रूप में प्रबुद्ध जनों का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय की कंपनी के स्वतंत्र निदेशक जगन्नाथ पाणिग्रही ने की। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित रहे। सम्मेलन में लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक परिवेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा का पक्ष रखा। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण), EVM और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध तथा सेना की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों जैसे विषयों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने कहा कि इन मुद्दों पर जनता के बीच फैलाए जा रहे कथित भ्रामक विमर्श का जवाब तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय विषयों पर तथ्यपरक संवाद को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुभाष जालान ने किया। सह संयोजक जुगल किशोर अग्रवाल ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया। सम्मेलन को सफल बनाने में छाया विधायक श्रीमती शिव कुमारी चौहान एवं डॉ. दिनेश लाल जांगड़े की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल, प्रदेश प्रवक्ता वेदराम जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक, महामंत्री द्वारिका साहू, वरिष्ठ नेता जगन्नाथ केसरवानी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती वैजयंती लहरे, श्रीमती चंद्रिका ठाकुर सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राजनीतिक क्षेत्र के अलावा सामाजिक एवं बौद्धिक जगत की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष आचार्य विष्णु प्रपन्न शास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र अग्रवाल, गिनीज बुक रिकॉर्डधारी मूर्तिकार प्रदीप देवांगन सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख, सेवानिवृत्त प्राचार्य, शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक, अभियंता एवं गायत्री परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सम्मेलन के समापन अवसर पर उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों का अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्र चिंतन संवाद के माध्यम से विभिन्न सामाजिक एवं बौद्धिक वर्गों को एक मंच पर लाकर समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विचार साझा करने का प्रयास किया गया।

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