दहिदा गांव में जले साक्षरता के सैकड़ों दीप, शिक्षा के उजियारे से जगमगाया गांव…

सारंगढ़। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत शाप्रा शाला दहिदा में ‘एक दीप साक्षरता के नाम’ थीम पर भव्य एवं प्रेरणादायक दीपोत्सव का आयोजन किया गया। प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूकता का अनूठा संदेश दिया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने विद्यालय परिसर के साथ-साथ अपने घरों के बाहर और गांव के विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों दीप प्रज्वलित कर पूरे गांव को रोशनी से जगमगा दिया। वहीं साक्षरता के महत्व को दर्शाने के लिए विद्यालय परिसर और घरों के सामने आकर्षक रंगोली एवं अल्पना भी बनाई गई।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि स्कूली बच्चों ने केवल दीप जलाने तक ही अपनी भागीदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि गांव में घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझाया। बच्चों ने लोगों से अपील की कि समाज का कोई भी व्यक्ति निरक्षर न रहे और हर व्यक्ति को पढ़ने-लिखने का अवसर मिले। बच्चों के इस अनूठे प्रयास और उत्साह की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की तथा साक्षरता अभियान में सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक संजय कुमार मिश्रा, खेमराज पटेल, असरिता टोप्पो, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं पालकों की विशेष भूमिका रही। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोमा सिंह ठाकुर ने दहिदा शालेय परिवार को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई दी।
जिला नोडल आर.पी. जांगड़े ने कहा कि साक्षरता का व्यापक प्रचार-प्रसार समय की आवश्यकता है। शिक्षा ही मानव जीवन का आधार है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। वहीं ब्लॉक नोडल पंकज दुबे ने भी शालेय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए सतत शिक्षा एवं साक्षरता का दीप निरंतर जलते रहने की मंगलकामना की।
विद्यालय के इस प्रयास ने साबित किया कि जब बच्चे जागरूकता की मशाल लेकर आगे बढ़ते हैं, तो पूरा समाज शिक्षा के उजियारे से रोशन हो सकता है।