सारंगढ़ में हजारों दीयों से जगमगाया माई नाथलदाई मंदिर, सेवा संकल्प में दिखी श्रद्धा और जनभागीदारी की रोशनी…

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 18 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में महानदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक माई नाथलदाई मंदिर शुक्रवार को हजारों ‘आशीर्वाद के दीयों’ की रोशनी से जगमगा उठा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस विशेष आयोजन में श्रद्धा, सेवा और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाम ढलते ही मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलित होने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरा परिसर दीपों की स्वर्णिम आभा से आलोकित हो गया।
सारंगढ़ क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े माई नाथलदाई मंदिर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के समन्वय से आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में लोगों ने उत्साह के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए। मंदिर की सीढ़ियों और परिसर में सजे दीपों की कतारें तथा महानदी के शांत जल में प्रतिबिंबित होती रोशनी ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और मनोहारी बना दिया।
माई नाथलदाई मंदिर लंबे समय से सारंगढ़ अंचल के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। महानदी के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में आयोजित दीप प्रज्ज्वलन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सामूहिक सहभागिता का संदेश भी दिया। आयोजन में प्रशासन की पहल को आमजनों और श्रद्धालुओं का भरपूर सहयोग मिला, जिससे यह कार्यक्रम जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बन गया।
‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के माध्यम से सेवा, कृतज्ञता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। हजारों दीयों की रोशनी में सारंगढ़ की धार्मिक आस्था के साथ लोगों की सामूहिक भागीदारी भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
देर शाम तक माई नाथलदाई मंदिर का पूरा परिसर दीपों की रोशनी से दमकता रहा। महानदी के पावन तट पर जगमगाते हजारों दीयों का दृश्य श्रद्धालुओं और आमजनों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत सारंगढ़ में आयोजित यह दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक संकल्प की सुंदर तस्वीर पेश करता नजर आया।


