चक्रवात अर्नब से फसलें बर्बाद, खेतों में उतरी सर्वे टीम…

सारंगढ़। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश और जलभराव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित गांवों में मैदानी निरीक्षण कर रही है।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर 31 अक्टूबर को विकासखंड सारंगढ़ के ग्राम टमटोरा एवं रामटेक में प्रभावित खेतों का मौका निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण में कई खेतों में धान की फसल जमीन पर गिरी हुई मिली, वहीं बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। इससे किसानों को फसल नुकसान की आशंका सता रही है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सारंगढ़ ने संबंधित अधिकारियों को फसल क्षति का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को शासन के प्रावधानों के अनुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वहीं उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में पानी भरा हुआ है, वहां जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसल को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
बीमित किसान 72 घंटे के भीतर दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल का बीमा कराने वाले किसानों के लिए विभाग ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति होने पर किसानों को घटना के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य है। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7065514447, कृषि रक्षक पोर्टल अथवा कृषि विभाग के माध्यम से लिखित शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने प्रभावित एवं बीमित किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराएं, ताकि सर्वेक्षण एवं बीमा संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके और पात्र किसानों को नियमानुसार लाभ मिल सके।