बिहान समूहों के लेन-देन पर सख्ती, अब नकद भुगतान पूरी तरह बंद…

सारंगढ़। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूहों की वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने 30 अक्टूबर 2026 को चेतावनी पत्र जारी कर जिले के समस्त पीआरपी एवं संकुल स्तरीय संगठनों (CLF) को 12 बिंदुओं में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब CLF, VO और SHG से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन पूरी तरह कैशलेस होंगे। नकद भुगतान और नकद निकासी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए सभी भुगतान बैंक खातों एवं चेक के माध्यम से पारित प्रस्ताव के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए NEFT, RTGS, IMPS और UPI जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, CLF की कार्यकारिणी समिति की बैठक में CIF अथवा उद्यमी ऋण वितरण का निर्णय संबंधित पदाधिकारी ही लेंगे। इस प्रक्रिया में पीआरपी द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। पीआरपी की भूमिका केवल मार्गदर्शक एवं सहयोगी तक सीमित रहेगी। वहीं, CLF की ब्याज राशि के आहरण और व्यय से पहले जिला मिशन प्रबंधन इकाई (DMMU) से लिखित अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
वित्तीय अभिलेखों के संधारण की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। पदाधिकारियों के अनुमोदन के बाद ही लेखापाल द्वारा अभिलेखों का संधारण किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक माह CLF की बैठक आयोजित करना अनिवार्य होगा। बैठक की उपस्थिति पत्रक, कार्यवाही विवरण और पारित प्रस्तावों की छायाप्रति जनपद पंचायत के माध्यम से जिला मिशन प्रबंधन इकाई (DMMU) को भेजनी होगी।
जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने अथवा वित्तीय प्रक्रिया में अनियमितता बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत प्रशासन के इस कदम को बिहान योजना के तहत संचालित स्व-सहायता समूहों की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।