सारंगढ़

सारंगढ़:साइबर ठगी से बचने 6097 लोगों को किया जागरूक, 67 जगहों पर चला अभियान

सारंगढ़। साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान लगातार जारी है। अभियान के चौथे सप्ताह जिलेभर में 67 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 6097 लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए। यह अभियान आगामी 2 अक्टूबर तक चलेगा।
इस सप्ताह अभियान का मुख्य विषय “स्मार्टफोन की प्राइवेसी और सुरक्षित इंटरनेट” रहा। पुलिस की टीमों ने थाना-चौकी क्षेत्रों के साथ गांवों, स्कूलों एवं कॉलेजों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी दी और सतर्क रहने की अपील की।
पुलिस ने बताया कि तुरंत लोन देने वाले फर्जी मोबाइल ऐप्स से सावधान रहें। ऐसे ऐप बिना अनुमति मोबाइल का निजी डेटा हासिल कर लोगों को ब्लैकमेल कर सकते हैं। इसी तरह बिजली बिल अपडेट करने या कनेक्शन काटने के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी मैसेज और लिंक से भी सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिजली विभाग इस तरह के व्यक्तिगत मैसेज भेजकर भुगतान के लिए दबाव नहीं बनाता।
जागरूकता कार्यक्रमों में घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी या सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर आने वाले लुभावने ऑफर को लेकर भी लोगों को सावधान किया गया। इसके अलावा पार्सल में ड्रग्स या अवैध सामान मिलने अथवा कस्टम विभाग द्वारा पकड़े जाने का डर दिखाकर ठगी करने वाले कॉल पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी जांच के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती।
पुलिस ने एआई और डीपफेक तकनीक से होने वाली ठगी को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की। ठग अब परिचितों की आवाज और वीडियो की नकल कर पैसे मांग रहे हैं। ऐसे मामलों में तुरंत विश्वास करने के बजाय संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर सच्चाई की पुष्टि करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने नागरिकों से कहा कि ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें तथा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार, समय पर सूचना मिलने से ठगी गई रकम को बैंकिंग प्रणाली में रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

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