लोकतंत्र की नई पाठशाला: युवा बनेंगे जागरूक मतदाता…

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 25 अगस्त 2026/ भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को लखनऊ में “इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) 2.0 और ईसीआईनेट” विषय पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत बनाना रहा।
स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों तथा शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि छात्र ही राष्ट्र का भविष्य हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनावी प्रक्रिया की जानकारी तथा समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईएलसी युवा नागरिकों को लोकतंत्र से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए जाते हैं। राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की निगरानी में चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का समवर्ती ऑडिट भी किया जाता है। उन्होंने युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और भारत की चुनाव प्रणाली की कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में निवेश के समान है। “लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें” की टैगलाइन के साथ ईएलसी 2.0 का उद्देश्य विशेष रूप से युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने और उसकी प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को अधिक संरचित, डिजिटल और प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल वर्षभर चुनावी जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के साथ-साथ उनके परिवारों और समुदायों तक भी लोकतांत्रिक संदेश पहुंचाएगी।
इस अभियान को ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा, जहां मतदाता सूची से लेकर मतदान तक चुनाव संबंधी विभिन्न सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी। समर्पित ईएलसी पोर्टल के माध्यम से देशभर के शैक्षणिक संस्थानों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
भारत के विशाल शैक्षणिक तंत्र में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक, वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय और 70 हजार शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इस व्यापक नेटवर्क के जरिए ईएलसी 2.0 का लक्ष्य युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की तथ्यात्मक और व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी का राजदूत बनाना है।
ईएलसी के माध्यम से मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की जानकारी के साथ-साथ ईसीआईनेट ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य महत्वपूर्ण पहलों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह पहल आने वाली पीढ़ी को केवल मतदाता ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार और जागरूक लोकतांत्रिक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।