सारंगढ़

सारंगढ़:यूसीसी पर जनता से मांगे सुझाव, 15 अक्टूबर तक भेजें अपनी राय…

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में सरकार ने 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसने प्रदेश के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से 15 अक्टूबर 2026 तक सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं। इन सुझावों के आधार पर राज्य के लिए यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
समिति ने स्पष्ट किया है कि नागरिक अपने सुझाव ई-मेल, वेब पोर्टल, डाक अथवा सीधे समिति कार्यालय के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके लिए ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in तथा वेब पोर्टल https://ucc.cgstate.gov.in/⁠� उपलब्ध कराया गया है। वहीं डाक के माध्यम से सुझाव कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कक्ष क्रमांक-202, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001 के पते पर भेजे जा सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य धर्म आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। इस दिशा में सुझावों और जनमत को विशेष महत्व दिया जा रहा है ताकि व्यापक विचार-विमर्श के बाद प्रभावी कानून तैयार किया जा सके।
उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति में सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम. के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति राज्य की वर्तमान कानूनी व्यवस्था का अध्ययन कर विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर विस्तृत सुझाव तैयार करेगी।
समिति अन्य राज्यों में लागू यूसीसी की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी तथा नागरिकों और विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए एक समग्र प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं भी दी जाएंगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। सरकार का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी से तैयार होने वाला कानून अधिक प्रभावी और व्यवहारिक साबित होगा।

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