सारंगढ़

186% बारिश से सारंगढ़ बना प्रदेश का नंबर-1, किसानों के चेहरे खिले…

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून ने किसानों और आमजन को बड़ी राहत दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 5 अगस्त 2026 तक जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 584.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत 589.5 मिमी वर्षा का 99.2 प्रतिशत है। वहीं 5 अगस्त को प्रदेश का दैनिक औसत वर्षा 12.1 मिमी रिकॉर्ड किया गया।
मानसून के ताजा आंकड़ों में सारंगढ़ जिला पूरे प्रदेश में सबसे अधिक प्रतिशत वर्षा दर्ज करने वाला जिला बनकर उभरा है। यहां सामान्य औसत 450.5 मिमी के मुकाबले अब तक 838.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 186.2 प्रतिशत अधिक है। लगातार और संतुलित बारिश से जिले में खेत-खलिहान लहलहा उठे हैं तथा धान की रोपाई सहित कृषि कार्यों में तेजी आई है।
वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां अब तक 1004.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 141.1 प्रतिशत है।
राज्य के अधिकांश जिलों में सामान्य से बेहतर बारिश होने के कारण मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी क्षेत्रों में खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिला है। किसानों ने समय पर धान की रोपाई पूरी कर ली है और फसलों की बढ़वार भी बेहतर हो रही है। हालांकि उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा कृषि विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रदेश में अब तक की संतुलित और संतोषजनक वर्षा ने कृषि उत्पादन को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी मानसून का यही रुख बना रहा तो इस वर्ष धान सहित खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।

Back to top button