महंगाई-बेरोजगारी पर चुप, पूंजीपतियों पर मेहरबान: केंद्रीय बजट जनता के साथ खुला छलावा — उत्तरी जांगड़े

सारंगढ़।केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर तीखा हमला बोलते हुए विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने इसे आम जनता के साथ खुला छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, महिला और युवाओं की उम्मीदों पर पूरी तरह विफल रहा है और साफ तौर पर बड़े पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विधायक जांगड़े ने कहा कि देश आज महंगाई और बेरोजगारी की गंभीर मार झेल रहा है, लेकिन बजट इन ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। आम आदमी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है—रसोई से लेकर शिक्षा तक खर्च बेतहाशा बढ़ चुका है—फिर भी सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाले प्रावधानों को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्ज माफी, सिंचाई व्यवस्था, खाद-बीज जैसी बुनियादी जरूरतों पर बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। वहीं युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है, लेकिन रोजगार सृजन और शिक्षा को लेकर सरकार की नीत और नियत दोनों ही सवालों के घेरे में हैं।
श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और भाषणों का पुलिंदा है, जिसका जमीनी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। जनता को राहत देने के बजाय सरकार ने फिर साबित कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता आम नागरिक नहीं, बल्कि चुनिंदा वर्ग हैं।