सारंगढ़

स्वामित्व योजना में लापरवाही पर तहसीलदार का बड़ा एक्शन, तीन पटवारियों को कारण बताओ नोटिस; 24 घंटे में मांगा जवाब…

सारंगढ़। केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और शून्य प्रगति को लेकर सारंगढ़ तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता सामने आने पर तहसीलदार सारंगढ़ ने तीन पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सारंगढ़ तहसील अंतर्गत स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों में आवश्यक वृद्धि नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सारंगढ़ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को कार्यों की समीक्षा कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद 4 नवंबर 2026 को तहसील सारंगढ़ में तीनों राजस्व निरीक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वामित्व योजना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित पटवारियों के कार्यों का आकलन करते हुए संयुक्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस प्रतिवेदन में संबंधित पटवारियों द्वारा किया गया कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार ने तीन अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

इन तीन पटवारियों को थमाया गया नोटिस

तहसीलदार कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार स्वामित्व योजना में शून्य प्रगति एवं कार्यों में लापरवाही को लेकर पटवारी श्रीमती प्रसून कंवर, पटवारी श्री विष्णुदेव सिदार तथा पटवारी श्रीमती कांता चौहान से जवाब-तलब किया गया है। तीनों को जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उनके द्वारा अपने पदीय क्षेत्र के शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता एवं उदासीनता प्रदर्शित की गई है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के सुसंगत प्रावधानों के विपरीत है। इसे गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की चेतावनी दी गई है।

24 घंटे में व्यक्तिगत रूप से देना होगा जवाब

तहसीलदार ने तीनों पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे नोटिस प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना जवाब अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होगी।

योजना की प्रगति पर प्रशासन की पैनी नजर

स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के सर्वेक्षण, अभिलेख तैयार करने और ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में इसके क्रियान्वयन में लापरवाही सीधे ग्रामीणों के हितों को प्रभावित कर सकती है। कलेक्टर की समीक्षा बैठक से लेकर राजस्व निरीक्षकों की जांच और फिर तीन पटवारियों को नोटिस जारी होना इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन अब योजनाओं की प्रगति को लेकर केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि मैदानी स्तर पर जवाबदेही भी तय करने के मूड में है।

फिलहाल तीनों पटवारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। अब देखना होगा कि संबंधित कर्मचारी अपने जवाब में क्या सफाई देते हैं और प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है।

सारंगढ़ तहसील में स्वामित्व योजना की धीमी रफ्तार पर हुई इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Back to top button