साइबर ठगी से बचने 68 जगह चौपाल, 7150 लोगों को किया जागरूक…

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देश पर जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के सातवें चरण में 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ग्राम पंचायतों में साइबर चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस सप्ताह की थीम गांधी जयंती को समर्पित है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को जिले में 68 स्थानों पर साइबर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिसमें 7150 से अधिक लोगों ने भाग लिया। थाना एवं चौकी क्षेत्रों के अलावा स्कूल-कॉलेज, हाट-बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शिविर लगाकर पुलिसकर्मियों ने लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने से सावधान
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ठग कभी फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हैं। वहीं बैंक खाते की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ओटीपी और यूपीआई पिन मांगा जाता है। इसके अलावा लॉटरी, इनाम, नौकरी और अन्य आकर्षक ऑफर का लालच देकर भी लोगों से पैसे ठगे जा रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। धमकी भरे फोन या वीडियो कॉल से घबराकर तत्काल कोई पैसा ट्रांसफर न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी हो जाती है तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की है।