जिला मुख्यालय की बदहाल तस्वीर: सड़कें उखड़ीं, स्ट्रीट लाइटें बंद और नालियों का गंदा पानी सड़क पर!

सारंगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ की नगर पालिका व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। शहर के कई हिस्सों में सड़कें खराब होने, स्ट्रीट लाइटें बंद रहने और नालियों का पानी सड़कों पर बहने की समस्या से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरें नगर की बदहाल व्यवस्था की कहानी खुद बयां कर रही हैं।
शहर में कहीं सड़क का डामरीकरण उखड़ चुका है तो कहीं नालियों की समुचित निकासी नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बंद स्ट्रीट लाइटों से रात में बढ़ा खतरा
नगर के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की शिकायत भी सामने आ रही है। शाम ढलने के बाद अंधेरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और मुख्य मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होना जरूरी है, लेकिन कई जगह लंबे समय से खराब लाइटों की ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
अंधेरे में सड़क पर बने गड्ढे और जमा पानी दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
नाली का पानी सड़क पर, सफाई व्यवस्था पर सवाल
शहर में नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। कई स्थानों पर नाली का पानी सड़क की ओर आने से बदबू और गंदगी की स्थिति बन रही है। इससे राहगीरों के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से समस्या बार-बार सामने आ रही है।
बढ़ता शहर, लेकिन सुविधाएं पीछे
सारंगढ़ को जिला मुख्यालय का दर्जा मिलने के बाद शहर में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। लेकिन सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं में खामियां सामने आने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि शहर के विकास के लिए केवल नई योजनाओं और घोषणाओं की जरूरत नहीं, बल्कि मौजूदा सुविधाओं के नियमित रखरखाव पर भी ध्यान देना जरूरी है। खराब सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और बंद स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक करना नगर पालिका की प्राथमिकता होनी चाहिए।
शहरवासियों की मांग जमीन पर दिखे विकास
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि शहर के सभी वार्डों में सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की स्थिति का सर्वे कराया जाए और खराब व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए। लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय की पहचान केवल सरकारी कार्यालयों से नहीं, बल्कि वहां की साफ-सफाई, सड़क और नागरिक सुविधाओं से भी होती है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और शहरवासियों को बदहाल सड़कों, बंद लाइटों तथा सड़क पर बहते नाली के पानी से कब तक राहत मिलती है।