मध्यस्थता से सुलझेंगे विवाद, ग्रामीणों को मिला कानूनी ज्ञान…

सक्ती // मालखरौदा। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति मालखरौदा के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत मालखरौदा के पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को कानून से जुड़े अधिकारों, विभिन्न कानूनी प्रावधानों तथा निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
शिविर में पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने ग्रामीणों को बताया कि आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं की सहायता लेने की अपील की।
इस दौरान मध्यस्थता अभियान 3.0 के संबंध में विशेष जानकारी देते हुए बताया गया कि मालखरौदा न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के निराकरण के लिए आपसी संवाद, सुलह और समझौते को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकार लंबे समय तक चलने वाले न्यायिक विवाद से बचते हुए आपसी सहमति से अपने मामलों का समाधान कर सकते हैं।
बताया गया कि मध्यस्थता अभियान 3.0 की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के न्यायालय परिसर में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यदि किसी पक्षकार का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और वह आपसी राजीनामा अथवा सुलह के माध्यम से मामले का निराकरण करना चाहता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति एवं सुलह योग्य लंबित मामलों का शीघ्र और सरल समाधान सुनिश्चित करना है। मध्यस्थता जैसी प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि आपसी संबंधों को भी बनाए रखने में सहायक होती है।
विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद और आपसी समझौते के जरिए भी विवादों का सहज समाधान संभव है।
सक्ती // मालखरौदा। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति मालखरौदा के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत मालखरौदा के पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को कानून से जुड़े अधिकारों, विभिन्न कानूनी प्रावधानों तथा निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
शिविर में पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने ग्रामीणों को बताया कि आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं की सहायता लेने की अपील की।
इस दौरान मध्यस्थता अभियान 3.0 के संबंध में विशेष जानकारी देते हुए बताया गया कि मालखरौदा न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के निराकरण के लिए आपसी संवाद, सुलह और समझौते को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकार लंबे समय तक चलने वाले न्यायिक विवाद से बचते हुए आपसी सहमति से अपने मामलों का समाधान कर सकते हैं।
बताया गया कि मध्यस्थता अभियान 3.0 की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के न्यायालय परिसर में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यदि किसी पक्षकार का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और वह आपसी राजीनामा अथवा सुलह के माध्यम से मामले का निराकरण करना चाहता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति एवं सुलह योग्य लंबित मामलों का शीघ्र और सरल समाधान सुनिश्चित करना है। मध्यस्थता जैसी प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि आपसी संबंधों को भी बनाए रखने में सहायक होती है।
विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद और आपसी समझौते के जरिए भी विवादों का सहज समाधान संभव है।

