केंद्रीय टीम ने सराहा कुष्ठ खोज अभियान, बिलाईगढ़ मॉडल की हुई प्रशंसा…

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 9 जुलाई 2026। जिले में संचालित सघन कुष्ठ खोज अभियान की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन करने पहुंची केंद्रीय टीम ने विकासखंड बिलाईगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर अंतर्गत ग्राम तेंदुआ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने घर-घर किए जा रहे सर्वेक्षण, हाउस मार्किंग, संदिग्ध मरीजों की पहचान और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर अभियान के मैदानी कार्यों का गहन सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय दल ने अभियान की प्रगति, कार्य की गुणवत्ता तथा स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली की विस्तार से समीक्षा की। टीम ने पाया कि विकासखंड बिलाईगढ़ में सघन कुष्ठ खोज अभियान पूरी योजना, समन्वय और गंभीरता के साथ संचालित किया जा रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन और स्वास्थ्य अमले की सक्रियता से केंद्रीय टीम संतुष्ट नजर आई तथा पूरे स्वास्थ्य विभाग की सराहना की।
केंद्रीय दल के सदस्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बालाजी एवं सहायक निदेशक (एपिडेमियोलॉजी) डॉ. किरण स्वपनिल अखाड़े ने अभियान की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान जिला कुष्ठ अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कुष्ठ सलाहकार, ब्लॉक नोडल अधिकारी, लेप्रोसी सलाहकार, सेक्टर सुपरवाइजर, आरएचओ (पुरुष एवं महिला), मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक तथा मितानिन कार्यक्रम के ब्लॉक समन्वयक सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
केंद्रीय टीम ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता, गुणवत्ता और जनसहभागिता के साथ अभियान को संचालित करने की अपेक्षा जताई। टीम ने कहा कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और शीघ्र उपचार ही इसके नियंत्रण की सबसे प्रभावी रणनीति है, और ऐसे सघन खोज अभियान समाज को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।