सारंगढ़

तबले की थाप को भावभीनी श्रद्धांजलि, स्व. जगदीश प्रसाद महंत की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब…

बरमकेला। क्षेत्र के सुप्रसिद्ध तबला वादक एवं कला साधक स्वर्गीय जगदीश प्रसाद महंत की वार्षिक श्राद्ध तिथि पर उनके गृह ग्राम देवगांव में श्रद्धांजलि सभा का भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधियों, कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके अमूल्य सांस्कृतिक योगदान को याद किया।
स्वर्गीय जगदीश प्रसाद महंत अपने समय के ख्यातिप्राप्त तबला वादकों में गिने जाते थे। उनकी पहचान केवल देवगांव या आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं थी, बल्कि दूर-दराज के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भी उनकी कला का विशेष सम्मान किया जाता था। वे जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय के निज सहायक एवं शिक्षक ध्रुवदास महंत तथा पत्रकार स्वतंत्र दास महंत के पिता थे।
नवधा रामायण, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन एवं विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रहती थी। कहा जाता था कि किसी भी रामायण संगीत कार्यक्रम में उनके तबले की थाप कार्यक्रम में नई ऊर्जा और जीवंतता का संचार कर देती थी। संगीत के प्रति उनकी साधना, लय और ताल की अद्भुत समझ ने उन्हें कला जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय महंत ने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय संगीत, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि धार्मिक आयोजनों को भी गरिमा और भव्यता प्रदान की।
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. जगदीश प्रसाद महंत का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सौम्य और प्रेरणादायी था। उनकी कला साधना, सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में उनकी भूमिका अतुलनीय रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कलाकारों एवं ग्रामीणों ने स्वर्गीय महंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा का वातावरण भावुक रहा और लोगों ने उनके साथ बिताए संस्मरण साझा करते हुए उन्हें याद किया।
स्वर्गीय जगदीश प्रसाद महंत का संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में दिया गया योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनकी मधुर स्मृतियां और तबले की गूंज आज भी क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में महसूस की जाती है।

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