शिक्षा के प्रकाश पुंज व्याख्याता शोभाराम पटेल को दी गई भावभीनी विदाई..

सारंगढ़-बिलाईगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य 38 वर्ष से अधिक का समय देने वाले आदर्श शिक्षक एवं व्याख्याता श्री शोभाराम पटेल के सेवानिवृत्ति के अवसर पर संगम संकुल परसदा बड़े द्वारा एक गरिमामयी ‘शिक्षक सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। साहू समाज भवन, परसदा बड़े में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें उनकी शानदार और बेदाग सेवाओं के लिए ‘विदाई सम्मान पत्र’ भेंट कर सम्मानित किया गया।
38 वर्षों की गौरवमयी सेवा-
मूलतः ग्राम कांशीडीह (चंद्रपुर) में जन्मे श्री शोभाराम पटेल ने 1 जनवरी 1987 को सहायक शिक्षक के रूप में अपनी सेवा यात्रा शुरू की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिसमें संकुल शैक्षिक समन्वयक के रूप में 14 वर्षों का लंबा अनुभव और विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) सारंगढ़ का महत्वपूर्ण दायित्व शामिल है। सेवानिवृत्ति के समय वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर (कछार) में व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लैलून भारद्वाज ने की
उन्होंने श्री पटेल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा शिक्षित समाज सदैव उनका ऋणी रहता है। कार्यक्रम में संकुल प्रभारी, समन्वयकों और संगम संकुल परसदा बड़े के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भावुक क्षणों के बीच हुआ सम्मान-
विदाई की बेला में सहकर्मियों और परिजनों की उपस्थिति ने माहौल को भावुक कर दिया। समारोह में श्री पटेल को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह (सम्मान पत्र) भेंट किया गया। वक्ताओं ने उनके सरल स्वभाव, मधुर वाणी और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। उनके परिवार के सदस्य भी इस गौरवमयी क्षण के साक्षी बने।
नई पारी के लिए शुभकामनाएं-
संगम संकुल परिवार ने उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की है। श्री पटेल ने अपने संबोधन में सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालयीन जीवन की यादें सदैव उनके हृदय में रहेंगी। कार्यक्रम का समापन स्नेहभोज के साथ हुआ।