सारंगढ़:नहर में फेंकी गईं 13 गौमाताएं, 2 की मौत से शहर में उबाल…

नहर में फेंकी गईं 13 गौमाताएं, 2 की मौत से शहर में उबाल…
सारंगढ़। शहर के वार्ड क्रमांक-3 में मोना मॉडर्न स्कूल जाने वाले रास्ते के पास रविवार सुबह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। अज्ञात असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर 12 से 13 गौवंशों को नहर में फेंक दिया। इस दर्दनाक घटना में दो गायों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गौमाताएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और शहरवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
सूचना मिलते ही गौसेवक सतीश यादव, प्रियव्रत स्वर्णकार, कौशल सिदार, हेमंत भारती दीदी सहित उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया और नहर में फंसी जीवित गायों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। इस दौरान गौसेवकों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए बेजुबान पशुओं को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। घायल गौवंशों की स्थिति को देखते हुए उनके समुचित उपचार की आवश्यकता जताई गई है।
इस अमानवीय घटना के बाद शहर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों और गौसेवकों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि गौमाता जैसे बेजुबान और आस्था से जुड़े जीवों के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। आखिर किसने और किस मकसद से इन बेजुबान पशुओं को नहर में फेंका, यह गंभीर जांच का विषय है। घटना ने शहर में गौवंशों की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना में शामिल दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। नहर में घायल मिली गौमाताओं के बेहतर उपचार और देखभाल की समुचित व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब शहरवासियों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं और लोगों को उम्मीद है कि बेजुबान पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।