सारंगढ़

सारंगढ़:सड़क सुरक्षा के नायक बने जितेन्द्र चंद्रा, हादसों में 20% कमी लाने में अहम भूमिका…

सड़क सुरक्षा के नायक बने जितेन्द्र चंद्रा, हादसों में 20% कमी लाने में अहम भूमिका…

सारंगढ़। जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात सेल प्रभारी जितेन्द्र चंद्रा की सक्रियता, सजगता और कार्यशैली सराहनीय रही है। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में उन्होंने यातायात जागरूकता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे जनसुरक्षा से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया है। उनके नेतृत्व में 24 से 31 अक्टूबर तक जिलेभर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर वाहन चालकों तक को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान यातायात सेल की टीम ने एपीएस स्कूल, मोना मॉडर्न स्कूल, अशोका पब्लिक स्कूल, सीपीएम स्कूल और भारतमाता साल्हर स्कूल सहित जिले के लगभग 10 प्रमुख विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूली बसों, वैन और ऑटो के सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। बस चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। साथ ही स्कूल परिसरों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। जिन वाहनों में तकनीकी खामियां या सुरक्षा संबंधी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए।

जितेन्द्र चंद्रा की अगुवाई में अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 11 प्रकरणों में 5 हजार रुपये से अधिक का चालान काटा गया। वहीं राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे बेतरतीब वाहन खड़े करने तथा ढाबों और होटलों के आसपास यातायात बाधित करने वाले 22 मामलों में 6600 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।

सड़क हादसों में 20 प्रतिशत की कमी बनी बड़ी उपलब्धि

यातायात जागरूकता और लगातार मॉनिटरिंग का सकारात्मक परिणाम सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 31 अक्टूबर तक जिले में 239 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं और 120 लोगों की जान गई थी। वहीं 31 अक्टूबर 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या घटकर 96 रह गई है। इस तरह सड़क हादसों में होने वाली मौतों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि यातायात पुलिस की सक्रियता, जागरूकता अभियान और सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती जिम्मेदारी को दर्शाती है।

अभियान के दौरान लगभग 500 स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उन्हें सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया गया। विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खतरों से अवगत कराते हुए अभिभावकों को भी बच्चों के हाथ में वाहन नहीं सौंपने की समझाइश दी गई।

यातायात सेल प्रभारी जितेन्द्र चंद्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। तकनीकी खराबी वाले वाहनों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं और आगामी माह में यातायात जागरूकता एवं जांच अभियान को और तेज किया जाएगा।

जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी सक्रिय पहल और अनुशासित कार्यशैली निश्चित रूप से सराहना योग्य है। जरूरत है कि आम नागरिक भी यातायात नियमों का पालन कर पुलिस के इस प्रयास में सहभागी बनें। आखिरकार, सड़क पर थोड़ी सी सावधानी किसी परिवार की जिंदगी बचा सकती है।

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