कुपोषित बच्चों को मिला उपचार और पोषण का सहारा, 44 बच्चों की हुई जांच…

सारंगढ़। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल सारंगढ़ में कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां और पोषण सामग्री वितरित की गई।
शिविर में कुल 44 कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें सारंगढ़ परियोजना के 35 तथा कोसीर परियोजना के 9 बच्चे शामिल रहे। चिकित्सकों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उनकी जरूरत के अनुसार उपचार एवं पोषण संबंधी सलाह दी। इस दौरान बच्चों को कैल्शियम, जिंक, सिट्रीजिन, पैरासिटामोल, आयरन, एंजाइम और एल्बेंडाजोल सहित आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही बच्चों के बेहतर शारीरिक विकास और पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रोटीन पाउडर, कैल्शियम एवं मल्टीविटामिन सिरप भी वितरित किए गए।
जिला प्रशासन द्वारा कुपोषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अगले सप्ताह भटगांव, लेन्ध्रा, बिलाईगढ़ और बरमकेला परियोजनाओं में भी इसी तरह के विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों की तिथि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करने के बाद निर्धारित कर सूचित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर शिविरों की समय पर तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक कुपोषित बच्चे तक स्वास्थ्य जांच, उचित उपचार और पोषण सहायता पहुंचाई जा सके, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को गति मिल सके।