सारंगढ़

कटाई से ठीक पहले लापरवाही की भेंट चढ़ी किसान की मेहनत..डेढ़ एकड़ खड़ी धान की फसल जलकर खाक..

​सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के नवगठित सारंगढ़-बिलाइगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम खुडुभांठा से एक बेहद दर्दनाक और आर्थिक नुकसान पहुँचाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक किसान की महीनों की मेहनत और खून-पसीने से सींची गई खड़ी फसल आँखों के सामने धू-धू कर जल गई। इस भीषण अग्निकांड के बाद से पीड़ित किसान गहरे सदमे में है। मामले की लिखित शिकायत सारंगढ़ कोतवाली थाने में दर्ज करा दी गई है।
​कर्ज लेकर की थी खेती, कटाई से ऐन पहले हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खुडुभांठा निवासी किसान जितेन्द्र बाबु (46 वर्ष) और कमल देव ने धनसांय लहरे के ‘टिकरा तिर’ वाले खेत में लगभग 6 एकड़ रकबे पर धान की फसल लगाई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान ने बड़ी उम्मीदों के साथ कर्ज लेकर इस बार खेती का पूरा खर्च उठाया था। फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और दो-चार दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन ठीक उससे पहले इस हादसे ने किसान के अरमानों पर पानी फेर दिया और उसे गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया।

फ़ार्म हाउस में लगी आग फैली-

यह पूरी घटना 25 मई 2026 को सुबह 11:00 से दोपहर 12:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान के खेत के पास ही एक फ़ार्म हाउस स्थित है। जहाँ फ़ार्म हाउस के नौकर द्वारा साफ-सफाई के उद्देश्य से कचरे में आग लगाई गई थी। तेज हवा और गर्मी के कारण यह आग बेकाबू हो गई और फैलते हुए सीधे किसान के खेत तक पहुँच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और खेत में खड़ी लगभग डेढ़ एकड़ की धान की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

खेत में खड़ी फसल को स्वाहा होते देख पीड़ित किसान बदहवास हो गया। उसने तत्काल सारंगढ़ कोतवाली थाना पहुँचकर घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सूचना मिलते ही सारंगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और आगे की वैधानिक कार्रवाई व आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से उचित मुआवजे और न्याय की गुहार लगाई है।

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