राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल: 19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से आयुष तिवारी की विदाई; प्रकाश पटेल संभालेंगे जिम्मेदारी…

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 29 सितंबर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के राजस्व प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किया है। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 29 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-9 (₹38,100 से ₹1,20,400) में पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति के साथ ही अधिकारियों की नवीन पदस्थापनाएं भी निर्धारित की गई हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के आयुष तिवारी का बलौदाबाजार-भाटापारा तबादला
जारी सूची में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पदस्थ नायब तहसीलदार श्री आयुष तिवारी को तहसीलदार पद पर पदोन्नत करते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नवीन पदस्थापना दी गई है। वहीं बलौदाबाजार-भाटापारा में पदस्थ श्री प्रकाश पटेल को तहसीलदार पद पर पदोन्नति के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पदस्थ किया
इस फेरबदल के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के राजस्व प्रशासन में भी बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में पदस्थ आयुष तिवारी के स्थान पर पदोन्नत होकर आ रहे प्रकाश पटेल नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
सारंगढ़ से कोमल प्रसाद साहू की सक्ती में पदस्थापना
आदेश में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पदस्थ श्री कोमल प्रसाद साहू का नाम भी शामिल है। उन्हें तहसीलदार पद पर पदोन्नत करते हुए सक्ती में नवीन पदस्थापना दी गई है। यानी जिले से दो अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है, जबकि एक पदोन्नत अधिकारी की नई पदस्थापना सारंगढ़-बिलाईगढ़ में की गई है।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नई जिम्मेदारियां
शासनादेश के अनुसार नायब तहसीलदारों को पदोन्नति के बाद अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। इनमें बेमेतरा, महासमुंद, बालोद, दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर, नारायणपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, रायगढ़, सक्ती, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और राजनांदगांव सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
10 दिन के भीतर संभालना होगा नया पद
शासन ने पदोन्नत अधिकारियों के लिए कार्यभार ग्रहण करने की समय-सीमा भी तय की है। आदेश के अनुसार पदोन्नत नायब तहसीलदारों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 10 दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर पदोन्नति आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा।
विभागीय जांच या निलंबन होने पर पदोन्नति शून्य
शासन ने पदोन्नति को कुछ शर्तों के अधीन रखा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित या जारी नहीं होनी चाहिए और अधिकारी निलंबित नहीं होना चाहिए। यदि सूची में शामिल किसी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित होने या निलंबन की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित पदोन्नति आदेश शून्य माना जाएगा।
खरीफ डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा होने के बाद ही कार्यमुक्ति
इस आदेश की एक महत्वपूर्ण शर्त खरीफ वर्ष 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे से भी जुड़ी है। आदेश में कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि पदोन्नत नायब तहसीलदारों को वर्तमान में चल रहे खरीफ वर्ष 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे के पूर्ण होने के उपरांत ही कार्यमुक्त/कार्यभार ग्रहण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
राजस्व प्रशासन में बदलाव का दिखेगा असर
राज्य शासन के इस आदेश से एक साथ कई जिलों में तहसीलदार स्तर पर अधिकारियों की नई पदस्थापना होगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयुष तिवारी की जगह प्रकाश पटेल की पदस्थापना और कोमल प्रसाद साहू का सक्ती स्थानांतरण जिले के राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के वास्तविक कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया शासनादेश में दी गई शर्तों और डिजिटल क्रॉप सर्वे के पूर्ण होने के बाद ही आगे बढ़ेगी।
