सारंगढ़

उल्लास महापरीक्षा में 2085 शिक्षार्थियों ने दिखाई साक्षरता की नई उड़ान…

सारंगढ़। शिक्षा किसी उम्र या सीमा की मोहताज नहीं होती—इसी संदेश को सार्थक करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 27 सितंबर को उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान की राज्यव्यापी महापरीक्षा आयोजित की गई। जिलेभर में आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साक्षरता की ओर अपने कदम बढ़ाए।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के लिए जिले में कुल 352 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों में 2085 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। इनमें 1736 महिलाएं और 349 पुरुष शामिल रहे। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और शिक्षा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
महापरीक्षा में 60 वर्ष के आसपास एवं उससे अधिक आयु के शिक्षार्थियों की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उम्र के इस पड़ाव पर भी पढ़ना-लिखना और बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान हासिल करने की ललक ने साक्षरता अभियान के उद्देश्य को और मजबूत किया।
परीक्षा के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए विकासखंड तथा पंचायत स्तर पर सतत निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल एवं जिला नोडल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद जांगड़े ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा परीक्षा संचालन की स्थिति देखी।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की यह महापरीक्षा जिले में जनभागीदारी, सीखने की ललक और शिक्षा के प्रति बढ़ते उत्साह का जीवंत उदाहरण बनी। परीक्षा में महिलाओं, पुरुषों और वरिष्ठ आयु वर्ग के शिक्षार्थियों की भागीदारी ने यह साबित किया कि शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बन सकती।

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