दिल्ली की जिम्मेदारी से बढ़ा छत्तीसगढ़ का गौरव, अमर पारवानी बने कैट के प्रदेश प्रभारी…

सारंगढ़। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी को दिल्ली प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। राजधानी दिल्ली जैसे राजनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रदेश की जिम्मेदारी मिलना संगठन में उनकी सक्रियता, कार्यकुशलता और व्यापारिक हितों के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
अमर पारवानी लंबे समय से व्यापारिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाने, व्यापारिक हितों की रक्षा तथा कैट के राष्ट्रीय कार्यक्रमों और अभियानों में सक्रिय भागीदारी के चलते उन्होंने संगठन के भीतर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है।
दिल्ली देश की प्रमुख व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है। ऐसे में कैट के दिल्ली प्रदेश प्रभारी के रूप में अमर पारवानी के सामने व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को संगठन के मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय बढ़ाने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
छत्तीसगढ़ के व्यापारिक समाज में खुशी
अमर पारवानी को मिली नई जिम्मेदारी से छत्तीसगढ़ के व्यापारिक एवं कैट से जुड़े पदाधिकारियों में भी उत्साह है। सारंगढ़ जिला कैट अध्यक्ष रतन शर्मा ने अमर पारवानी को नियुक्ति पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
रतन शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी को देश की राजधानी दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण प्रदेश की जिम्मेदारी मिलना पूरे प्रदेश के व्यापारिक समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नियुक्ति केवल अमर पारवानी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के व्यापारिक संगठन के लिए भी सम्मान का विषय है।
उन्होंने विश्वास जताया कि अमर पारवानी अपने अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और व्यापारिक क्षेत्र की समझ का उपयोग करते हुए नई जिम्मेदारी पर खरा उतरेंगे तथा दिल्ली में कैट की गतिविधियों को और मजबूती प्रदान करेंगे। पारवानी की नियुक्ति को संगठन के विस्तार और व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।