सारंगढ़

धान खरीदी पर सरकार से भिड़ीं विधायक उत्तरी जांगड़े, विधानसभा में किसानों के हक की बुलंद की आवाज…

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने धान खरीदी के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए किसानों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब वर्ष 2024-25 में किसानों से बोनस सहित लगभग 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई थी, तो क्या वर्ष 2026-27 में भी किसानों को उसी दर पर धान बेचना पड़ेगा, जबकि केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी कर दी है।
सरकार की ओर से खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-‘ए’ धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। साथ ही राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026-27 में 3100 रुपये से अधिक भुगतान या अतिरिक्त बोनस बढ़ाने संबंधी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
सरकार के इस जवाब के बाद विधानसभा में यह सवाल और गहरा गया कि जब केंद्र सरकार लगातार हर वर्ष धान के एमएसपी में वृद्धि कर रही है, तब छत्तीसगढ़ में किसानों को मिलने वाली कुल राशि लगातार तीसरे वर्ष भी 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर ही क्यों स्थिर रखी जा रही है।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने कहा कि यदि केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है, तो उसका पूरा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार भी अपने हिस्से की सहायता राशि में उसी अनुपात में वृद्धि करे, ताकि किसानों को 3100 रुपये से अधिक का भुगतान मिल सके। उनका कहना था कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में किसानों को उचित मूल्य देना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़ा यह विषय केवल समर्थन मूल्य का नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा और आय बढ़ाने का भी है। विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने राज्य सरकार की धान खरीदी नीति और किसानों से किए गए वादों पर नई बहस छेड़ दी है। किसानों के बीच भी यह मांग तेज हो रही है कि केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए एमएसपी का पूरा लाभ राज्य सरकार अपनी सहायता राशि बढ़ाकर किसानों तक पहुंचाए।

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