छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ वैष्णव समाज के ‘आधुनिक भामाशाह’ बने राष्ट्रीय महासचिव लखन दास वैष्णव..स्वर्गीय पत्नी की स्मृति में भवन निर्माण के लिए दी ₹2.5 लाख दान..त्याग देख नतमस्तक हुआ समाज…

राजनांदगांव।
वैष्णव समाज हित में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले और समाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने वाले राष्ट्रीय महासचिव श्री लखन दास वैष्णव ने एक बार फिर अपनी दरियादिली और समाज सेवा की मिसाल पेश की है। राजनांदगांव में आयोजित एक भव्य गरिमामयी समारोह में उन्होंने नवनिर्मित वैष्णव भवन के लिए ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) की नगद राशि दान स्वरूप भेंट की। यह दान उन्होंने अपनी पूजनीय स्वर्गीय पत्नी श्रीमती कमला वैष्णव जी की स्मृति में भवन संचालन समिति को सौंपा।
​यह कोई पहला मौका नहीं है जब श्री लखन दास जी का समाज के प्रति ऐसा समर्पण दिखा हो, इससे पहले वे अपना निजी मकान भी समाज हित में दान कर चुके हैं। उनके इस त्याग और सेवाभाव को देखते हुए समाज उन्हें आधुनिक ‘भामाशाह’ के रूप में देख रहा है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत-

​बीते रविवार (28 जून 2026) को छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा (पंजीयन 5811) राजनांदगांव द्वारा नवनिर्मित पदाधिकारियों के स्वागत समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का सफल संचालन डोंगरगढ़ मंडलेश्वर श्री अमित वैष्णव जी ने किया।

​इस गरिमामयी मंच पर समाज की कई शीर्ष विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से ​श्री लखन दास वैष्णव जी (राष्ट्रीय महासचिव व मुख्य अतिथि),​श्री पूरण दास वैष्णव जी (प्रांतीय अध्यक्ष),​श्री अशोक वैष्णव जी (प्रांतीय उपमहासचिव),​श्री मुरलीशरण वैष्णव जी,
​श्री भारत दास वैष्णव जी (पूर्व महामंडलेश्वर),
​श्री कमलेश दास वैष्णव जी (प्रांतीय उपाध्यक्ष),
​श्रीमती प्रभा वैष्णव जी (जिला महिला अध्यक्ष) उपस्थित रहे।

एकजुट हुआ वैष्णव समाज-

कार्यक्रम में राजनांदगांव, दुर्ग और कवर्धा सहित कई जिलों के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत की। इनमें मुख्य रूप से सुनील वैष्णव, विवेकानंद वैष्णव, शास्त्री वैष्णव (राजनांदगांव), गजानंद वैष्णव, राजेश्वर वैष्णव, ऋषि दास वैष्णव (दुर्ग) और हरगोविन्द वैष्णव (कवर्धा) सहित भारी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

समाज को दिलाई नई पहचान-

उपस्थित वक्ताओं ने श्री लखन दास वैष्णव जी के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल एक पदाधिकारी नहीं, बल्कि वैष्णव समाज को एक नई पहचान दिलाने वाले मार्गदर्शक हैं। उनका जीवन समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम के अंत में सभी वरिष्ठ जनों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उज्जवल कार्यकाल के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं दीं। लखन दास जी के इस ऐतिहासिक दान के बाद पूरे छत्तीसगढ़ वैष्णव समाज में हर्ष की लहर है और लोग सोशल मीडिया से लेकर हर मंच पर उनके इस कदम की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं।

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