सारंगढ़

विधायक उत्तरी जांगड़े ने अमेठी मे किया छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का भव्य अनावरण..

​सारंगढ़ |
​हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक और अदम्य साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर आज जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम अमेठी में उत्साह और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए शौर्य शिरोमणि शिवाजी महाराज की प्रतिमा का विधि-विधान से अनावरण किया।

कीर्तन मंडली ने किया अतिथियों का आत्मीय स्वागत-

​दोपहर 3 बजे जैसे ही विधायक श्रीमती जांगड़े और अन्य अतिथि अमेठी पहुंचे, स्थानीय कीर्तन मंडली ने पारंपरिक गीतों और वाद्य यंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरा वातावरण ‘जय शिवाजी’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत में विधायक ने शिवाजी महाराज के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की, जिसके पश्चात प्रतिमा का अनावरण संपन्न हुआ।

अमेठी बनेगा मराठा समाज की आस्था का केंद्र-

​ग्राम अमेठी में मराठा समाज की बहुलता है और समाज के लोग अपनी संस्कृति व गौरव को सहेजने के लिए अत्यंत सक्रिय दिखे। प्रतिमा अनावरण के साथ ही समाज ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में यहाँ कुलदेवी तुलजा भवानी के भव्य मंदिर की स्थापना की जाएगी, जिससे अमेठी क्षेत्र में मराठा समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
​प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
​इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए राजनीति और समाज के दिग्गज उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
​श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े (विधायक, सारंगढ़)
​संजय दुबे (वरिष्ठ कांग्रेस नेता)
​गनपत जांगड़े (विधायक प्रतिनिधि)
​शंभू राव मराठा (प्रमुख, मराठा समाज)
​एवं बड़ी संख्या में मराठा समाज के सामाजिक बंधु और ग्रामीण।

शिवाजी का जीवन प्रेरणा का पुंज- उत्तरी जांगड़े

“शिवाजी का जीवन प्रेरणा का पुंज”
​अपने संबोधन में विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने कहा
​”छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक राजा नहीं, बल्कि न्याय और स्वाभिमान के प्रतीक थे। आज उनकी 396वीं जयंती पर अमेठी में उनकी प्रतिमा का अनावरण करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उनका जीवन हमें मातृभूमि की रक्षा और सर्वसमाज के कल्याण की प्रेरणा देता है।”
​मराठा समाज की इस सक्रियता और एकजुटता की क्षेत्र में चारों ओर प्रशंसा हो रही है। इस आयोजन ने न केवल समाज को जोड़ा है, बल्कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का भी कार्य किया है।

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