30 वर्षों की समाजसेवा से बनाई पहचान, रेखा महमिया बनीं महिला नेतृत्व की मजबूत आवाज…

रायगढ़। रेखा महमिया के लिए समाजसेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है। पिछले तीन दशकों से सामाजिक, धार्मिक और जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय रहकर उन्होंने रायगढ़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। अभामा महिला सम्मेलन, अग्रवाल समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। सामाजिक कार्यों के साथ भाजपा में भी उन्होंने अपनी सक्रियता से संगठनात्मक पहचान बनाई है।
सेवा से राजनीति तक का सफर
रेखा महमिया ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाजसेवा को प्राथमिकता दी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने के प्रयासों से जुड़ी रही हैं। रायगढ़ के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता देखने को मिलती है। उनका मानना है कि राजनीति सत्ता प्राप्त करने का नहीं, बल्कि जनता और समाज की सेवा करने का माध्यम होना चाहिए।
अग्रसेन जयंती को बनाती हैं सामाजिक एकता का उत्सव
रायगढ़ में अग्रसेन जयंती के भव्य आयोजन में रेखा महमिया का सहयोग और योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी पहल और सहभागिता से आयोजन में केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न समाजों की भागीदारी भी देखने को मिलती है। सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना उनके प्रयासों का प्रमुख हिस्सा रहा है।
गरीब बेटियों के विवाह में बनती हैं सहारा
रेखा महमिया के सामाजिक कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण पहल गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की दर्जनों बेटियों के विवाह में सहयोग, कन्यादान और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक संबल प्रदान करना उनके सेवा कार्यों में शामिल रहा है। वे इसे केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपना धर्म और पुण्य कार्य मानती हैं।
स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता में भी सक्रिय
स्वास्थ्य सेवा केंद्रों को सहयोग देने, भ्रूणहत्या के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा नेत्रदान जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उनका प्रयास समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का रहा है।
रेखा महमिया का कहना है कि “समाज हित ही सेवा है और सेवा ही मेरा धर्म है।” तीन दशकों की सामाजिक सक्रियता, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक एकता के प्रयासों के साथ उनका सफर सेवा और जनभागीदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है।