सारंगढ़

चक्रवात ‘अनर्ब’ का कहर: खेतों में बिछी धान की फसल, जनजीवन अस्त-व्यस्त…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अनर्ब’ के प्रभाव से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। लगातार हो रही तेज बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के कई इलाकों में खेतों में पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। हजारों एकड़ में खड़ी फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

चक्रवात के प्रभाव से पिछले 24 घंटों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं के कारण धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खेतों में बिछी धान की फसल को देखकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के महत्वपूर्ण समय में हुई बेमौसम बारिश से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इधर, मौसम विभाग ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। प्रशासनिक स्तर पर लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर भवनों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की गई है।

लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन रही है, वहीं खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के सामने अब गिरी हुई फसल को बचाने और कटाई करने की चुनौती है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो नुकसान और बढ़ सकता है।

सबसे बड़ी चिंता किसानों को हुए नुकसान की है। हजारों एकड़ में प्रभावित धान की फसल का वास्तविक आंकड़ा सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने, फसल क्षति का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा एवं राहत प्रदान करने की मांग की है।

फिलहाल चक्रवात ‘अनर्ब’ के असर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मौसम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एक ओर जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर खेतों में बिछी धान की फसल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत एवं सर्वे कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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