सारंगढ़

चिरायु योजना से बदली सूर्या की जिंदगी, अब दौड़ने-खेलने लगा मासूम…

सारंगढ़। जन्म से दोनों पैर टेढ़े होने के कारण चलने में असमर्थ चार वर्षीय सूर्या यादव की जिंदगी अब खुशियों से भर गई है। चिरायु योजना के तहत मिले समय पर उपचार से उसके पैर सीधे हो गए हैं और अब वह सामान्य बच्चों की तरह दौड़ने और खेलने लगा है। सूर्या की यह कहानी शासन की स्वास्थ्य योजना की सार्थकता और समय पर उपचार के महत्व को दर्शाती है।

सारंगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज सूर्या यादव जन्म से ही क्लबफुट (पैरों के टेढ़ेपन) की समस्या से पीड़ित था। इस वजह से उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रमाधि चौहान ने बच्चे की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी चिरायु टीम को दी।

सूचना मिलने पर चिरायु टीम ने बच्चे की जांच की और बेहतर उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर किया। वहां चिकित्सकों की देखरेख में सूर्या का प्लास्टर किया गया और नियमित उपचार जारी रखा गया। उपचार का सकारात्मक परिणाम सामने आया और उसके पैर सीधे हो गए। अब सूर्या पहले की तरह चलने के साथ दौड़ने और खेलने में भी सक्षम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित चिरायु योजना बच्चों में जन्मजात विकृतियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सूर्या की जिंदगी में आया यह बदलाव बताता है कि समय पर पहचान, उचित उपचार और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सकता है।

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