सारंगढ़

50 साल बाद सारंगढ़ में इतिहास की पुनरावृत्ति, 21-21 लाख के दान से बनेगा भव्य अग्रोहा धाम…

सारंगढ़। महाराजा अग्रसेन जी की ‘एक ईंट, एक रुपया’ की दान परंपरा को सारंगढ़ के अग्रवाल समाज की युवा पीढ़ी नई ऊंचाइयों तक ले जाने में जुटी है। लगभग 50 साल पहले जिस सपने की नींव अग्रसेन भवन के रूप में रखी गई थी, अब उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए भव्य अग्रोहा धाम के निर्माण का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत 5 एकड़ से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है और निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं।

वर्ष 1976 में स्वर्गीय रामरतन अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान अग्रसेन भवन की शुरुआत की थी। अब पांच दशक बाद उनकी तीसरी पीढ़ी के बालकिशन केडिया के नेतृत्व में समाज की टीम इस विरासत को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने के लिए जुटी है। यह पहल केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा, सहयोग और भावी पीढ़ियों के लिए स्थायी धरोहर तैयार करने के संकल्प का प्रतीक बन रही है।

21-21 लाख के सहयोग से दान परंपरा को नई उड़ान

अग्रोहा धाम निर्माण के इस महायज्ञ में समाज के दानवीरों ने 21-21 लाख रुपये का ऐतिहासिक सहयोग देकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। सहयोगी ट्रस्टियों और दानदाताओं के इस योगदान से सारंगढ़ में सामाजिक एकजुटता और परोपकार की भावना को नई मजबूती मिली है।

इस अभियान में दिनेश धनानिया, संतोष गोपाल (पोशाक पैलेस), बालकिशन केडिया (अध्यक्ष), मनीष कुमार केडिया, राजकुमार गोयल, अजेश अग्रवाल, संजय रामकिशन अग्रवाल, पवन केडिया (सरसिंवा), पवन अग्रवाल (दानसरा), नरेश अग्रवाल (फरसवानी), जगदीश उचानिया, प्रदीप अग्रवाल (सरसिंवा), प्रमोद अग्रवाल (दानसरा), सीए कैलाश अग्रवाल, सोनू गोडम, भरत अग्रवाल (सरिया), विनोद अग्रवाल (अग्रसेन ज्वेलर्स), अशोक कुमार शर्मा, सुनील मित्तल (मेडिकल) और शशांक अग्रवाल (सरसिंवा) सहित समाज के दानदाताओं का योगदान उल्लेखनीय है।

बाबा के सपने को नई पीढ़ी का संकल्प

कहा जाता है कि समाज की असली ताकत उसकी एकता और सेवा भावना में होती है। सारंगढ़ में अग्रोहा धाम निर्माण की पहल इसी भावना को साकार करती नजर आ रही है। जिस तरह पूर्वजों ने अग्रसेन भवन के माध्यम से समाज को एक साझा मंच दिया था, उसी तरह नई पीढ़ी विशाल भूमि पर अग्रोहा धाम विकसित कर आने वाले समय के लिए एक नई पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

महाराजा अग्रसेन जी की ‘एक ईंट, एक रुपया’ की परंपरा का मूल संदेश सामूहिक सहयोग और समाज के प्रति समर्पण है। आज बड़े आर्थिक योगदान के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाले दानवीर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।

अग्रवाल समाज की ओर से सभी दानदाताओं और इस पुनीत कार्य में जुटी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है। सारंगढ़ में अग्रोहा धाम का यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा, संस्कार, एकता और सामाजिक सहयोग की एक नई मिसाल बनने की उम्मीद जगाता है।

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