रायपुर

भारत-जिम्बाब्वे सीरीज से पहले बड़ी राहत, रायपुर स्टेडियम में ग्राउंड वाटर को लेकर हटी पाबंदी, रखीं 5 शर्तें…

भारत और जिम्बाब्वे महिला टीमों के बीच सीमित ओवरों की सीरीज 16 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक खेली जाएगी. सीरीज के तीन टी20 मैच रायपुर में खेले जाएंगे. इस बीच रायपुर के क्रिकेट स्टेडियम में ग्राउंड वाटर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है.

ग्राउंड में पानी के इस्तेमाल को लेकर तीन क्रिकेट स्टेडियम में लगी पाबंदी हटा दी गई है. गुरुवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कुछ शर्तों के साथ रायपुर क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों की मेजबानी की अनुमति दे दी है.

दरअसल, अधिकरण ने पाया कि क्रिकेट मैदान के रखरखाव के लिए लगभग 828 किलोलीटर प्रति दिन भूजल का उपयोग किया जा रहा है. जबकि 150 किलोलीटर प्रति दिन क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि एसटीपी से कितना उपचारित जल तैयार हो रहा है और उसमें से कितना पानी क्रिकेट मैदान के रखरखाव में इस्तेमाल किया जा रहा है. केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि स्टेडियम में अभी भी मुख्य रूप से भूजल का उपयोग किया जा रहा है.

अधिकरण ने दोहराया कि भूजल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है और इसका विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना आवश्यक है. क्रिकेट मैदानों के रखरखाव के लिए ताजे भूजल के स्थान पर यथासंभव STP से उपचारित जल का उपयोग किया जाना चाहिए और वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए. इससे पहले 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के तहत अधिकरण ने तीन स्टेडियमों, जिनमें शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रायपुर भी शामिल था, को अधिकरण की अनुमति के बिना आगे किसी खेल एक्टिविटी के आयोजन से रोक दिया था.

अब 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों को ध्यान में रखते हुए अधिकरण ने अपने पूर्व अंतरिम आदेश में संशोधन किया और प्रतिवादी संख्या 10 को उक्त तीन तिथियों पर क्रिकेट मैदान के उपयोग की अनुमति प्रदान की.

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