नई दिल्ली

पेंशनर्स के लिए सरकार का बड़ा तोहफा: सरकार ला रही है धांसू योजना, 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे सारे नियम…

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बहुत ही शानदार और राहत भरी खबर सामने आ रही है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने ‘NPS स्वास्थ्या’ (NPS Swasthya) के लिए अंतिम ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।

इस क्रांतिकारी योजना को आगामी 1 अक्टूबर 2026 यानी ‘एनपीएस दिवस’ के खास मौके पर लॉन्च किए जाने की पूरी उम्मीद है।

रिटायरमेंट सेविंग्स के साथ मिलेगा हेल्थ इंश्योरेंस

इस नई योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें रिटायरमेंट के लिए की जाने वाली बचत के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा को भी बहुत ही बेहतरीन तरीके से जोड़ा गया है। ‘NPS स्वास्थ्या’ के तहत एक बिल्कुल अलग निवेश खाता खोला जाएगा और इसके साथ ही अनिवार्य रूप से सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस भी प्रदान किया जाएगा।

फैमिली फ्लोटर के तहत मिलेगा 30 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर

इस योजना में परिवार के लिए फैमिली फ्लोटर के तहत अलग-अलग तरह के विकल्प दिए जाएंगे। इसके तहत हेल्थ कवरेज 1 लाख रुपये से लेकर सीधे 30 लाख रुपये तक का हो सकता है, जबकि डिडक्टिबल के विकल्प 10 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक तय किए गए हैं। इस शानदार फैमिली फ्लोटर योजना में मुख्य ग्राहक, उनका जीवनसाथी और अधिकतम दो आश्रित बच्चों को शामिल किया जाएगा। हालांकि, इस योजना में माता-पिता को फैमिली फ्लोटर का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

जानिए शुरुआत में कितना करना होगा खर्च?

‘NPS स्वास्थ्या’ योजना में शुरुआती योगदान के तहत पहले साल का बीमा प्रीमियम, 200 रुपये का वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज और कम से कम 1,000 रुपये का शुरुआती निवेश शामिल किया गया है। इसके बाद ग्राहक इस खाते में न्यूनतम 10 रुपये का भी योगदान कर सकते हैं। हालांकि, बीमा प्रीमियम की कुल राशि ग्राहक की उम्र और पॉलिसी के तय नियमों के आधार पर ही तय की जाएगी।

इलाज के लिए आसानी से निकाल सकेंगे पैसे

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि जरूरत पड़ने पर पात्र स्वास्थ्य खर्चों के लिए ग्राहक अपने ‘NPS स्वास्थ्या’ खाते में किए गए कुल योगदान का 25 प्रतिशत तक हिस्सा आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के रूप में निकाल सकते हैं। इसमें ओपीडी (OPD) और अस्पताल से जुड़े अन्य जरूरी मेडिकल खर्च शामिल हो सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि निकाली गई यह रकम सीधे ग्राहक के हाथ में देने के बजाय संबंधित अस्पताल या सीधे हेल्थकेयर प्रोवाइडर को भुगतान की जाएगी। संक्षेप में कहें तो इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट की बचत के साथ-साथ बुढ़ापे में स्वास्थ्य खर्चों के लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच देना है।

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