रायगढ़

12 जुलाई को पुसौर के वैष्णव समाज का होगा ऐतिहासिक गठन…बरसों की उपेक्षा होगी खत्म…बनेगा छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा मंडल पुसौर..

​रायगढ़। जिले के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक विकास खंड पुसौर के वैष्णव समाज के लिए एक बेहद बड़ी और युगांतरकारी खबर सामने आ रही है। संख्या बल में मजबूत होने के बावजूद जो वैष्णव जन पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक पटल पर उपेक्षित महसूस कर रहे थे, अब उन्हें उनका असली हक और पहचान मिलने जा रही है।

​आगामी 12 जुलाई को पुसौर विकास खंड के नए वैष्णव पदाधिकारियों का गठन होने जा रहा है, जिससे पूरे समाज में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।

अनुभव और युवा जोश का अनोखा संगम-

​इस बार का संगठन बेहद खास होने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार, इस नए गठन में केवल कागजी नियुक्तियां नहीं होंगी, बल्कि ​अनुभवी दिग्गजों के मार्गदर्शन को शामिल किया जाएगा।
​ऊर्जावान युवाओं को आगे लाकर नेतृत्व सौंपा जाएगा।
​समाज के प्रति समर्पित चेहरों को बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।

राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में हुंकार-

​पुसौर के वैष्णव समाज को अपनी असली पहचान दिलाने के लिए इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव आदरणीय लखन दास वैष्णव जी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में ही नए पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे जाएंगे, जो इस बात का संकेत है कि अब पुसौर के समाज की गूंज राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई देगी।

कहाँ और कब होगा यह ऐतिहासिक आयोजन?

​पुसौर के वैष्णव समाज के इस नए उदय का गवाह बनने के लिए तारीख और स्थान नोट कर लें।
​दिनांक: 12 जुलाई
​स्थान: मंगल भवन, केवड़ाबाड़ी (रायगढ़)

​मुख्य आकर्षण- नए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं समाज की भावी रणनीति पर मंथन।

समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है “यह सिर्फ पदाधिकारियों का गठन नहीं है, बल्कि यह पुसौर के वैष्णव समाज के स्वाभिमान, एकता और नई पहचान की शुरुआत है। अब हमारी उपेक्षा के दिन खत्म हुए।”

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