सतर्क नागरिक, सुरक्षित सारंगढ..एसडीओपी गोबिंद दीवान की अनूठी पहल, गांव-गांव में गूंज रहा जागरूकता का संदेश…

सारंगढ़। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एसडीओपी गोबिंद दीवान ने थाना प्रभारी प्रमोद यादव की टीम के साथ एक अनूठी पहल शुरू की है। “सतर्क नागरिक, सुरक्षित सारंगढ़” के संदेश के साथ चलाए जा रहे इस अभियान को क्षेत्र में जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। पुलिस की इस पहल ने जनसुरक्षा और जनभागीदारी को जोड़ते हुए पुलिसिंग को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है।
एसडीओपी गोबिंद दीवान का मानना है कि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल पुलिस की सक्रियता पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों का जागरूक और सतर्क होना भी बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ अभियान को साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को अपराधों से बचाने के साथ-साथ उन्हें समाज की सुरक्षा में सक्रिय भागीदार बनाना भी है।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी के मामले भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस टीम लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी के साथ ओटीपी साझा नहीं करने और अज्ञात व्यक्तियों की वीडियो कॉल से सतर्क रहने की समझाइश दे रही है। साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि समय रहते शिकायत दर्ज कराकर आर्थिक नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा सके।
अभियान के तहत सड़क सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य है कि लोग यातायात नियमों को केवल कानूनी बाध्यता न समझें, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की सुरक्षा के लिए उनका पालन करें।
वहीं, युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से बचाने के लिए गांव-गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पुलिस लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत नुकसान के प्रति सचेत कर रही है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि पुलिस ने जनजागरूकता के लिए सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को भी माध्यम बनाया है। मंदिर में आयोजित कन्या पूजन एवं कन्या भोज के अवसर पर लोगों को साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस पहल के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया कि सुरक्षा और जागरूकता का विषय केवल थाने या सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए।
एसडीओपी गोबिंद दीवान ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि यह पहल केवल पुलिस के कार्यक्रम तक सीमित रह जाए, बल्कि उनका उद्देश्य इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना था। उन्होंने कहा कि आज गांवों के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग स्वयं इस अभियान से जुड़कर दूसरों को जागरूक कर रहे हैं। यही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है।
इस अभियान से पुलिस और आम जनता के बीच संवाद बढ़ाने, आपसी विश्वास मजबूत करने तथा अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। जब नागरिक स्वयं सतर्क होंगे और दूसरों को भी जागरूक करेंगे, तभी सुरक्षित समाज की परिकल्पना साकार हो सकेगी। ‘सतर्क नागरिक, सुरक्षित सारंगढ़’ अभियान पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई कड़ी बनकर उभर रहा है। यह पहल सुरक्षित सारंगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।