नन्हीं अनमोल ने मां सिद्धिदात्री का रूप धर जीता सबका दिल, जयकारों से गूंज उठा गरबा पंडाल…

सारंगढ़। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गरबा और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच जब नन्हे-मुन्ने बच्चे माता रानी के विभिन्न स्वरूप धारण कर मंच पर उतरते हैं, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है। इसी कड़ी में कैट जिलाध्यक्ष रतन शर्मा की पोती अनमोल शर्मा ने मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया।
अंकित शर्मा एवं सीमा शर्मा की पुत्री अनमोल शर्मा पारंपरिक परिधान में सजकर गरबा और डांडिया नृत्य में उत्साहपूर्वक झूमती नजर आईं। मां सिद्धिदात्री के स्वरूप में सजी नन्हीं अनमोल की मासूम अदाओं, आकर्षक वेशभूषा और उमंग से भरी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। जैसे ही गरबा की धुनों पर डांडिया नृत्य शुरू हुआ, वातावरण मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धा और उल्लास से भरे माहौल में अनमोल की प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मां सिद्धिदात्री को देवी दुर्गा का नौवां स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना से भक्तों को सिद्धि, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। ऐसे पावन अवसर पर बच्चों द्वारा देवी के विभिन्न स्वरूपों को प्रस्तुत करना धार्मिक परंपराओं से जुड़ाव बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराने का माध्यम भी बनता है।
कैट जिलाध्यक्ष रतन शर्मा ने कहा कि बच्चों द्वारा माता रानी का स्वरूप धारण करने से धार्मिक आयोजनों की रौनक बढ़ती है और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। इस तरह के आयोजन बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
नन्हीं अनमोल की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भक्ति की कोई उम्र नहीं होती। मासूम चेहरे पर आस्था की चमक और डांडिया की थाप पर थिरकते कदमों ने नवरात्रि के उल्लास को दोगुना कर दिया। मां दुर्गा के जयकारों के बीच अनमोल की मनमोहक प्रस्तुति लंबे समय तक लोगों के लिए यादगार बनी रही।