खबर का असर: नहर देखने पहुंचे एसडीओ, सफाई का भरोसा…

सारंगढ़।आमाकोनी बांध की नहर में घास और झाड़ियों के कारण सिंचाई के पानी का प्रवाह प्रभावित होने की समस्या को नईदुनिया में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जल संसाधन विभाग हरकत में आया है। विभाग के एसडीओ जोवेल मिंज मौके पर पहुंचे और नहर की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विशालपुर नहर से पैदल निरीक्षण करते हुए चंडीडबरी से आगे करीब तीन किलोमीटर तक नहर का मुआयना किया। एसडीओ ने भरोसा दिलाया कि बजट स्वीकृत होते ही नहर की साफ-सफाई का काम कराया जाएगा।
जिला मुख्यालय सारंगढ़ से महज चार से पांच किलोमीटर दूर स्थित आमाकोनी बांध, जिसे पुटका जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, आसपास के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। नहर के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचता है, लेकिन जगह-जगह घास और झाड़ियों के उग आने से पानी के सुचारु प्रवाह को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। किसानों की इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
एसडीओ जोवेल मिंज ने बताया कि नहर की साफ-सफाई के लिए एस्टीमेट भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होते ही सफाई कार्य कराया जाएगा। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, सफाई कार्य कब शुरू होगा, इसकी निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में किसानों की नजर बजट स्वीकृति और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
नहर के पानी का लाभ अंतिम छोर पर स्थित किसानों तक पहुंचाने के लिए एसडीओ ने चंडीडबरी, सहसपुर और भंवरपुर के किसानों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे बीच-बीच में कुलपा नहीं खोलें और एक सप्ताह तक पानी को सीधे आगे जाने दें, ताकि नहर के निचले हिस्से में स्थित खेतों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके।
दरअसल, नहर के शुरुआती हिस्से में पानी रोकने या खेतों की ओर मोड़ देने से अंतिम छोर के किसानों को पर्याप्त पानी मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पानी का व्यवस्थित वितरण और किसानों के बीच आपसी तालमेल जरूरी है। विभाग की अपील का उद्देश्य नहर के पानी का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाना है, ताकि किसी भी किसान को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
नहर का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीओ की पहल से किसानों में समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। अब किसानों की नजर बजट स्वीकृत होने और सफाई कार्य शुरू होने पर टिकी है। किसानों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा, जिससे नहर में पानी का प्रवाह बेहतर होगा और खेतों तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा। समय पर सफाई होने से फसलों को पानी की कमी से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने में भी मदद मिलेगी।


