राष्ट्रीय महासचिव लखन दास जी की कार्यशैली से प्रभावित होकर दिग्गज समाजसेवी रामरंग वैष्णव एवं पूर्व एसडीओपी सविता दास छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा में शामिल…अन्य संगठन के अध्यक्ष पद के दोनों मजबूत दावेदारों ने थामा महासभा का दामन…वैष्णव समाज और जनसेवा के लिए केवल 5811 ही सच्चा मंच – रामरंग

रायपुर।
वैष्णव समाज के सर्वांगीण विकास, एकता और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित प्रमुख सामाजिक संस्था छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा (पंजीयन क्र. 5811) में उस समय ऐतिहासिक क्षण जुड़ गया, जब समाज के दो मूर्धन्य और प्रखर नेतृत्वकर्ताओं ने संगठन की रीति-नीति पर विश्वास जताते हुए विधिवत प्रवेश कर लिया। एक अन्य सामाजिक संगठन में अध्यक्ष पद के प्रबल व धाकड़ प्रत्याशी रहे प्रसिद्ध समाजसेवी श्री रामरंग वैष्णव तथा कानून एवं प्रशासनिक दृढ़ता की प्रतीक, पूर्व एसडीओपी सुश्री सविता दास ने महासभा के राष्ट्रीय महासचिव वैष्णव शिरोमणि श्री लखन दास वैष्णव के नेतृत्व में संगठन की सदस्यता ग्रहण की। इस महा-संगम से प्रदेश भर के वैष्णव समाज में भारी उत्साह की लहर दौड़ गई है।
लखन दास जी की ऊर्जा दैवीय प्रेरणा- रामरंग वैष्णव
संगठन में शामिल होते हुए श्री रामरंग वैष्णव ने भावुक उद्बोधन में कहा कि समाज सेवा किसी पद या कुर्सी की मोहताज नहीं होती, बल्कि सच्ची निष्ठा और समर्पण से पहचानी जाती है। उन्होंने कहा “लगभग 80 वर्ष की आयु में भी राष्ट्रीय महासचिव लखन दास जी जिस अदम्य ऊर्जा, पारदर्शिता और निस्वार्थ भाव से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर सेवा कर रहे हैं, वह अद्वितीय है। उनके इसी विराट सेवाभाव से प्रेरित होकर मैंने आजीवन उनके मार्गदर्शन और छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा 5811के बैनर तले तन, मन और धन से समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया है।
रूढ़िवादिता से परे नारी सशक्तिकरण व न्याय के लिए समर्पित 5811- सविता दास
वहीं 34 वर्षों तक पुलिस सेवा में निष्पक्ष न्याय की मिसाल रहीं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) सुश्री सविता दास ने अपने बेबाक संबोधन में कहा “समाज सेवा का अर्थ केवल आयोजनों में औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराना नहीं है, बल्कि समाज के हर शोषित-पीड़ित को सुरक्षा, कानूनी सहायता और संबल देना है। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा ने मुझे जो सम्मान और अपनापन दिया है, वह अविस्मरणीय है। अब मेरा संपूर्ण समय महासभा के संगठन विस्तार और समाज की नारी शक्ति को कानूनी, शैक्षिक व सामाजिक रूप से सशक्त और स्वाभिमानी बनाने में समर्पित रहेगा।

प्रदेशभर में तेजी से बढ़ रहा है महासभा का कारवां – विश्वनाथ बैरागी
समारोह में उपस्थित युवा अध्यक्ष विश्वनाथ बैरागी ने बताया कि छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा 5811 आज प्रदेशभर के वैष्णव परिवारों के मान, सम्मान और भविष्य की सबसे भरोसेमंद आवाज बन चुकी है। संगठन द्वारा युवक-युवती परिचय सम्मेलनों का सफल संचालन, युवाओं के रोजगार व शिक्षा में सहयोग, तहसील व ब्लॉक स्तर पर पारदर्शी व्यवस्था तथा माता-बहनों के स्वाभिमान की रक्षा जैसे धरातलीय कार्य पूरी निष्ठा से किए जा रहे हैं।
दिग्गज नेतृत्वकर्ताओं के प्रवेश से महासभा को नई ऊर्जा और मजबूती मिली है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के समस्त वैष्णव बंधुओं से आह्वान किया है कि समाज की अखंडता, प्रगति और स्वाभिमान के इस पावन अभियान से जुड़ने के लिए आगे आएं और छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएं।


