महाराजा अग्रसेन के आदर्शों से मजबूत होगा समाज, संजय भूषण पांडेय ने दिया एकता और सेवा का संदेश…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। महाराजा अग्रसेन जयंती के पावन अवसर पर अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित समारोह श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सेवा, सहयोग, परोपकार तथा मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। समारोह में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम में अग्रसेन सेवा के प्रमुख दिनेश धनानिया, नंदकिशोर किशोर अग्रवाल, नंद किशोर केजरीवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश पुरुषोत्तमत्ता अग्रवाल, विनोद अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के वरिष्ठजन, महिला समाज की माताएं-बहनें और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अरविंद हरिप्रिया ने भी समारोह में सहभागिता कर महाराजा अग्रसेन जी के विचारों और सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद हरिप्रिया ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी समाज में समरसता, सेवा और मानवतावाद के सदैव प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, सहयोग और परोपकार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति दूसरों के सुख-दुःख में सहभागी बने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए। महाराजा अग्रसेन जी के विचार केवल एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता को आपसी सद्भाव और सहयोग का संदेश देते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि अग्रवाल समाज देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा, सेवा और रोजगार के क्षेत्र में समाज का योगदान उल्लेखनीय है। समाज के अनेक लोग स्वयं विकास करने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका लाभ जरूरतमंदों तक भी पहुंचे और सभी को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
संजय भूषण पांडेय ने महाराजा अग्रसेन जी के ‘एक ईंट और एक रुपये’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा आपसी सहयोग, समानता और सामूहिक उत्थान की भावना का प्रतीक है। इस सिद्धांत में संदेश छिपा है कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान देता है, तो जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिलता है और विकास का रास्ता आसान होता है। उन्होंने कहा कि समाज का अर्थ केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि ऐसा परिवार है, जहां सुख-दुःख में सभी एक-दूसरे के साथ खड़े रहें। समाज की असली ताकत आपसी विश्वास, सेवा, सहयोग और भाईचारे में निहित है।
उन्होंने अग्रवाल समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और महिला शक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक एकता को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। युवाओं के रोजगार, जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाजहित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों और समाजजनों ने महाराजा अग्रसेन जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उनके जीवन, विचारों और समाज के प्रति योगदान को स्मरण किया गया। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सेवा और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। महाराजा अग्रसेन जयंती का यह आयोजन केवल एक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने, जरूरतमंदों की मदद करने और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा भी दे गया। उपस्थित लोगों ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को अपनाकर समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
