सारंगढ़

गौरव ग्राम में स्वच्छता की खुली पोल, सड़क बनी शौचालय…

सारंगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाने के दावों के बीच जनपद पंचायत बरमकेला के गौरव ग्राम बड़े नावापारा की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। गांव का खैरगढ़ी मुख्य मार्ग खुले में शौच का केंद्र बन गया है। सड़क के दोनों किनारों पर रोज सुबह खुले में शौच किए जाने से गंदगी और दुर्गंध का माहौल है। इससे राहगीरों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गांव के मुख्य मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन होता है। सड़क किनारे फैली गंदगी के कारण लोगों को नाक बंद कर वहां से गुजरना पड़ता है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता और खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद गांव की यह स्थिति व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां कर रही है।

स्थानीय निवासी देवराज दीपक के अनुसार, इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जनपद पंचायत की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।

स्कूल के बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस स्थान पर गंदगी फैली हुई है, उससे महज 50 मीटर की दूरी पर शिशु मंदिर स्कूल संचालित है। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करने के अधिकार को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

खुले में शौच के कारण मक्खियों और अन्य कीटों के माध्यम से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। दुर्गंध और गंदगी से आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों सहित आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कलेक्टर से जांच और स्थायी समाधान की मांग

गौरव ग्राम बड़े नावापारा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि खुले में शौच की समस्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों के लिए शौचालय की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क किनारे गंदगी फैलने पर रोक लग सके।

अब सवाल यह है कि स्वच्छता के दावों के बीच गौरव ग्राम बड़े नावापारा की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगा, या फिर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को इसी गंदगी के बीच आवागमन करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा? ग्रामीणों को जिला प्रशासन की पहल और ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

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