पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग में होंगे ये 6 बड़े बदलाव…

आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपके लिए बहुत ज़रूरी खबर है। आठवां सेंट्रल पे कमीशन केंद्र सरकार के करीब 65 लाख पेंशनर्स और डिफेंस कर्मचारियों के लिए अहम होने वाला है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाला कमीशन कर्मचारियों, पेंशनर्स और अलग-अलग संगठनों के सुझाव और मांगें सुन रहा है।
इसमें पेंशन से जुड़ी कई ज़रूरी मांगें सामने आई हैं।
बेसिक पेंशन 67 परसेंट तय करने की मांग: कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि पेंशन को आखिरी मिली सैलरी या पिछले 10 महीने की एवरेज सैलरी के बेसिक 67 परसेंट पर तय किया जाए।
उम्र के हिसाब से ज़्यादा पेंशन: 65 साल के बाद अलग-अलग स्टेज में ज़्यादा पेंशन की मांग है। 65 साल की उम्र में 70 परसेंट, 75 की उम्र में 80 परसेंट, 80 की उम्र में 85 परसेंट, 85 की उम्र में 90 परसेंट और 90 साल के बाद 100 परसेंट तक एक्स्ट्रा बेनिफिट देने का प्रस्ताव है। कम्यूटेशन पीरियड में कमी: पेंशन का एक हिस्सा कम्यूट करने के बाद वापस पाने के लिए ज़रूरी 15 साल के पीरियड को घटाकर 10 से 12 साल करने की मांग है।
पेंशन रिविज़न और फिटमेंट फैक्टर: यह मांग की गई है कि 1 जनवरी, 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन को साफ़ तौर पर रिवाइज किया जाए, और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव किया जाए।
डियरनेस अलाउंस में सुधार: बढ़ती महंगाई को देखते हुए DR सिस्टम का रिव्यू करने और पेंशन बेनिफिट्स के साथ इसके ज़्यादा असरदार इंटीग्रेशन की मांग है।
ग्रेच्युटी और फैमिली पेंशन: ग्रेच्युटी की मैक्सिमम लिमिट बढ़ाने के साथ-साथ फैमिली मेंबर्स को मिलने वाली पेंशन का स्कोप बढ़ाने की मांग है।
OPS, UPS या NPS चुनने का ऑप्शन: यह भी मांग है कि कर्मचारियों को अपनी ज़रूरत के हिसाब से ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) या NPS में से चुनने का ऑप्शन दिया जाए। कमीशन को अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, और मिली जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट मई 2027 तक जमा होने की उम्मीद है। हालांकि, सिफारिशें केंद्र सरकार और यूनियन कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद ही लागू की जाएंगी।