अभियान संवेदना का बड़ा असर: महिला से दुर्व्यवहार के आरोप में व्याख्याता गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल…

रायगढ़, 15 अगस्त। अभियान संवेदना के तहत महिला संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने कार्यस्थल पर महिला से दुर्व्यवहार, लज्जा भंग, यौन उत्पीड़न एवं मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप में आरोपी वीर सिंह (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 13 अगस्त 2026 को थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 287/2026 के तहत धारा 74, 75 एवं 79 बीएनएस में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
पीड़िता ने पुलिस को दिए कथन में आरोप लगाया कि आरोपी वीर सिंह गणित विषय का व्याख्याता है और स्कूल में नोडल का प्रभार संभाल रहा था। आरोप है कि आरोपी महिला स्टाफ के साथ अनुचित व्यवहार करता था तथा शासकीय अवकाश मांगने सहित अन्य अवसरों पर उसे अपने साथ कार अथवा ट्रेन से जाने, घर छोड़ने और अपने घर चलने जैसी बातें कहता था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि शासकीय दस्तावेजों के लेन-देन के दौरान आरोपी ने गलत नीयत से हाथ छूने, ड्यूटी निरीक्षण के बहाने खिड़की से घूरने तथा स्कूल की डेली डायरी को झटककर फेंकने जैसा व्यवहार किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बावजूद कक्षा में बैठकर पढ़ाने के दौरान आरोपी ने बच्चों के सामने उसे अपमानित किया, जिससे वह लगातार मानसिक तनाव में रही।
पीड़िता के मुताबिक 18 मार्च 2026 को स्कूल में आयोजित स्टाफ मीटिंग के दौरान भी आरोपी ने कथित रूप से उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। बैठक में आरोपी के व्यवहार पर आपत्ति जताने के बावजूद उसके साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार किया गया।
पुलिस की विवेचना और पीड़िता के कथन के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर कोतरारोड़ पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को आरोपी वीर सिंह पिता बाबूराम सिंह, उम्र 39 वर्ष, निवासी चन्द्रनगर वार्ड क्रमांक 28, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक बंशी रात्रे एवं बलराम साहू की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।