रायगढ़

निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता का उदाहरण बने स्वतंत्र पत्रकार कैलाश आचार्य

रायगढ़। डिजिटल युग में समाचारों का स्वरूप बदल रहा है। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्र पत्रकार कैलाश आचार्य का फेसबुक पेज @पत्रकारिता इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जनहित और सटीक खबरों के कारण यह पेज रायगढ़ समेत प्रदेश और देशभर के पाठकों के बीच भरोसे का माध्यम बन गया है।

निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता का उदाहरण

कैलाश आचार्य ने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों से अपनी बेबाक और निर्भीक शैली से पहचान बनाई है। रायगढ़ जिले से लेकर प्रदेशभर में उनके समाचार जनमानस को न सिर्फ दिशा देते हैं, बल्कि सच को सामने लाने का साहसिक उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं।

पत्रकारिता का प्रारंभिक सफर…

आचार्य ने अपने करियर की शुरुआत स्थानीय दैनिक “रायगढ़ संदेश”, मासिक पत्रिका “आधी आधी रात का रिपोर्टर”, “केलो प्रवाह दैनिक” और “भारत सम्मान” जैसे मीडिया माध्यमों से की। वर्तमान में वे “खबर अखबार” से जुड़े हैं और CGEYE24.com के जरिए छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों को जनपक्षीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर रहे हैं।

फेसबुक पेज की बढ़ती लोकप्रियता…

27 अगस्त से 23 सितंबर तक मात्र 28 दिनों में पेज ने 3.7 लाख व्यूज़, 12 हजार एंगेजमेंट और 4367 इंटरैक्शन दर्ज किए हैं। वर्तमान में 4070 से अधिक फॉलोअर्स जुड़े हैं। आँकड़े बताते हैं कि पेज के 94% पाठक पुरुष और 6% महिलाएँ है। छत्तीसगढ़ की प्रमुख शहरों में रायगढ़, सारंगढ़, सक्ति, खरसिया, बिलासपुर, रायपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों के अलावा दिल्ली व मुंबई से भी बड़ी संख्या में दर्शक जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका, क़तर, सऊदी अरब, नाइजीरिया, यूएई और यूके सहित कई देशों से पाठक लगातार पेज से जुड़े हैं।

सम्मान और सामाजिक योगदान….

पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य के लिए कैलाश आचार्य को “जोहार गौरव सम्मान” सहित कई पत्रकार संगठनों के मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं और क्राइम फ्री इंडिया फोर्स अंतरराष्ट्रीय संगठन के आरटीआई प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ प्रदेश में संगठनमंत्री के पद पर कार्यरत हैं।

उद्देश्य और संदेश…

कैलाश आचार्य के पेज का स्लोगन- “जुर्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ बागी कलम से प्रहार” समाज में जागरूकता और बदलाव की दिशा में उनकी पत्रकारिता को अलग पहचान देता है। उनका प्रयास है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में सुधार और लोकतंत्र की मजबूती का साधन बने।

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